Target Judiciary: Discussion

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Thursday, 21 March 2019

31.03.2019: हरियाणा में HCS और राजस्थान में न्यायिक परीक्षा के ही दिन

March 21, 2019 0
31.03.2019: हरियाणा में HCS और राजस्थान में न्यायिक परीक्षा के ही दिन

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  • Thursday, 7 February 2019

    मिलिए राजस्थान के पहले नेत्रहीन जज से

    February 07, 2019 0
    मिलिए राजस्थान के पहले नेत्रहीन जज से

    मिलिए राजस्थान के पहले नेत्रहीन जज से 

    मिलिए राजस्थान के पहले नेत्रहीन जज से
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    केरल हाईकोर्ट : खाते से गलत तरीके से पैसे निकाला तो बैंक जिम्मेवार

    February 07, 2019 0
    केरल हाईकोर्ट : खाते से गलत तरीके से पैसे निकाला तो बैंक जिम्मेवार

    केरल हाईकोर्ट : खाते से गलत तरीके से पैसे निकाला तो बैंक जिम्मेवार  


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    Thursday, 31 January 2019

    Punjab and Haryana High Court: जज की नियुक्ति में वरिष्ठता की अनदेखी

    January 31, 2019 0
    Punjab and Haryana High Court: जज की नियुक्ति में वरिष्ठता की अनदेखी

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  • Monday, 28 January 2019

    हाई कोर्ट के हर जज के पास लगभग 4500 मामले लंबित

    January 28, 2019 0
    हाई कोर्ट के हर जज के पास लगभग 4500 मामले लंबित

    Saturday, 19 January 2019

    Top 26 Important Section in IPC | जानिए IPC में धाराओ का मतलब

    January 19, 2019 0
    Top 26 Important Section in IPC | जानिए IPC में धाराओ का मतलब

    Top 26 Important Section in IPC 

     जानिए IPC में धाराओ का मतलब
    जानिए IPC में धाराओ का मतलब
    जानिए IPC में धाराओ का मतलब



    धारा 307 = हत्या की कोशिश
    धारा 302 = हत्या का दंड
    धारा 376 = बलात्कार
    धारा 395 = डकैती
    धारा 377 = अप्राकृतिक कृत्य
    धारा 396 = डकैती के दौरान हत्या
    धारा 120 = षडयंत्र रचना
    धारा 365 = अपहरण
    धारा 201 = सबूत मिटाना
    धारा 34 = सामान आशय
    धारा 412 = छीनाझपटी
    धारा 378 = चोरी
    धारा 141 = विधिविरुद्ध जमाव
    धारा 191 = मिथ्यासाक्ष्य देना
    धारा 300 = हत्या करना
    धारा 309 = आत्महत्या की कोशिश
    धारा 310 = ठगी करना
    धारा 312 = गर्भपात करना
    धारा 351 = हमला करना
    धारा 354 = स्त्री लज्जाभंग
    धारा 362 = अपहरण
    धारा 415 = छल करना
    धारा 445 = गृहभेदंन
    धारा 494 = पति/पत्नी के जीवनकाल में पुनःविवाह0
    धारा 499 = मानहानि
    धारा 511 = आजीवन कारावास से दंडनीय अपराधों को करने के प्रयत्न के लिए दंड।


    हमारेे देश में कानूनन कुछ ऐसी हकीक़तें है, जिसकी जानकारी हमारे पास नहीं होने के कारण हम अपने अधिकार से मेहरूम रह जाते है।

    तो चलिए ऐसे ही कुछ
    पांच रोचक फैक्ट्स की जानकारी आपको देते है,
    जो जीवन में कभी भी उपयोगी हो सकती है.

    (1) शाम के वक्त महिलाओं की गिरफ्तारी नहीं हो सकती-

    कोड ऑफ़ क्रिमिनल प्रोसीजर, सेक्शन 46 के तहत शाम 6 बजे के बाद और सुबह 6 के पहले भारतीय पुलिस किसी भी महिला को गिरफ्तार नहीं कर सकती, फिर चाहे गुनाह कितना भी संगीन क्यों ना हो. अगर पुलिस ऐसा करते हुए पाई जाती है तो गिरफ्तार करने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत (मामला) दर्ज की जा सकती है. इससे उस पुलिस अधिकारी की नौकरी खतरे में आ सकती है.

    (2.) सिलेंडर फटने से जान-माल के नुकसान पर 40 लाख रूपये तक का बीमा कवर क्लेम कर सकते है-


    पब्लिक लायबिलिटी पॉलिसी के तहत अगर किसी कारण आपके घर में सिलेंडर फट जाता है और आपको जान-माल का नुकसान झेलना पड़ता है तो आप तुरंत गैस कंपनी से बीमा कवर क्लेम कर सकते है. आपको बता दे कि गैस कंपनी से 40 लाख रूपये तक का बीमा क्लेम कराया जा सकता है. अगर कंपनी आपका क्लेम देने से मना करती है या टालती है तो इसकी शिकायत की जा सकती है. दोषी पाये जाने पर गैस कंपनी का लायसेंस रद्द हो सकता है.

    (3) कोई भी हॉटेल चाहे वो 5 स्टार ही क्यों ना हो… आप फ्री में पानी पी सकते है और वाश रूम इस्तमाल कर सकते है-


    इंडियन सीरीज एक्ट, 1887 के अनुसार आप देश के किसी भी हॉटेल में जाकर पानी मांगकर पी सकते है और उस हॉटल का वाश रूम भी इस्तमाल कर सकते है. हॉटेल छोटा हो या 5 स्टार, वो आपको रोक नही सकते. अगर हॉटेल का मालिक या कोई कर्मचारी आपको पानी पिलाने से या वाश रूम इस्तमाल करने से रोकता है तो आप उन पर कारवाई कर सकते है. आपकी शिकायत से उस हॉटेल का लायसेंस रद्द हो सकता है.

    (4) गर्भवती महिलाओं को नौकरी से नहीं निकाला जा सकता-



    मैटरनिटी बेनिफिट एक्ट 1961 के मुताबिक़ गर्भवती महिलाओं को अचानक नौकरी से नहीं निकाला जा सकता. मालिक को पहले तीन महीने की नोटिस देनी होगी और प्रेगनेंसी के दौरान लगने वाले खर्चे का कुछ हिस्सा देना होगा. अगर वो ऐसा नहीं करता है तो उसके खिलाफ सरकारी रोज़गार संघटना में शिकायत कराई जा सकती है. इस शिकायत से कंपनी बंद हो सकती है या कंपनी को जुर्माना भरना पड़ सकता है.

    (5) पुलिस अफसर आपकी शिकायत लिखने से मना नहीं कर सकता


    आईपीसी के सेक्शन 166ए के अनुसार कोई भी पुलिस अधिकारी आपकी कोई भी शिकायत दर्ज करने से इंकार नही कर सकता. अगर वो ऐसा करता है तो उसके खिलाफ वरिष्ठ पुलिस दफ्तर में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. अगर वो पुलिस अफसर दोषी पाया जाता है तो उसे कम से कम (6)महीने से लेकर 1 साल तक की जेल हो सकती है या फिर उसे अपनी नौकरी गवानी पड़ सकती है.

    इन रोचक फैक्ट्स को हमने आपके लिए ढूंढ निकाला है.


    ये वो रोचक फैक्ट्स है, जो हमारे देश के कानून के अंतर्गत आते तो है पर हम इनसे अंजान है. हमारी कोशिश होगी कि हम आगे भी ऐसी बहोत सी रोचक बाते आपके समक्ष रखे, जो आपके जीवन में उपयोगी हो।

    इस मैसेज को आगे भी भेजना और अपने पास सहेज कर रखना, आपके कभी भी ये अधिकार काम आ सकते हैं।

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    January 19, 2019 0
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